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राज्‍यों के साथ मिलकर लंपी बीमारी पर काबू पाने की हो रही कोशिशें, पीएम मोदी बोले- हमारे वैज्ञानिकों ने बनाई स्वदेशी वैक्सीन

राज्‍यों के साथ मिलकर लंपी बीमारी पर काबू पाने की हो रही कोशिशें, पीएम मोदी बोले- हमारे वैज्ञानिकों ने बनाई स्वदेशी वैक्सीन

जागरण ब्यूरो, Noida News मवेशियों की संक्रामक बीमारी लंपी स्किन पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों के साथ मिलकर पुरजोर कोशिश कर रही है। देश के अनेक राज्यों में लंपी नामक इस बीमारी से पशुधन की क्षति हुई है। डेरी सेक्टर के लिए यह गंभीर चिंता का विषय है। यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय डेरी सम्मेलन-2022 में कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने लंपी स्किन बीमारी की स्वदेशी वैक्सीन तैयार कर ली है। वैक्सीनेशन के अलावा जांच में तेजी लाकर पशुओं की आवाजाही पर नियंत्रण रखकर उस बीमारी को काबू करने की कोशिश की जा रही है। उऩ्होंने कहा कि इस संक्रामक बीमारी से हाल के महीनों में विभिन्न राज्यों में मवेशियों की भारी क्षति हुई है।

लंपी स्किन बीमारी संक्रामक वायरल रोग है, जिससे मवेशियों में तेज बुखार और पूरे शरीर पर बड़ी-बड़ी फुंसियां हो जाती हैं। इससे पशुओं की मौत हो सकती है। फुंसियों के फूटने से निकलने वाले मवाद पर मक्खियां बैठती हैं इससे बीमारी दूसरे पशुओं में भी तेजी से फैलती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी दुनिया के लोगों से कहा कि वैक्सीनेशन हो अथवा कोई दूसरी टेक्नोलाजी, भारत उसे एक दूसरे के साथ साझा करने को तैयार रहता है। भारत ने अपने फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड पर भी बहुत तेजी से काम किया है। पशुधन विकास क्षेत्र में एक ऐसे डिजिटल सिस्टम पर काम कर रहा है जिससे इस सेक्टर में सुधार होगा और लोगों को सटीक जानकारी मिल पाएगी।

विश्व के दूसरे देशों में डेरी सेक्टर के लिए जो कुछ किया जा रहा है, भारत उन जानकारियों में साझीदार बनेगा।सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पशुधन विकास व डेयरी मंत्री परसोत्तम रूपाला और राज्यमंत्री डाक्टर संजीव बालियान भी उपस्थित रहे।